नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है।तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर यहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।राष्ट्रीय हित में वर्क-फ्रॉम-होम सिस्टम को अपनाएंइसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि जिन शहरों में मेट्रो की सुविधा है, वहां के लोगों को मेट्रो से सफर करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही जहां निजी वाहनों का इस्तेमाल जरूरी हो, वहां कारपूलिंग को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों से भी आग्रह किया कि वे अपने EV का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए तरीकों को याद करते हुए मोदी ने कहा, “राष्ट्रीय हित में वर्क-फ़्रॉम-होम सिस्टम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस को एक बार फिर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कम करके विदेशी मुद्रा बचाने का भी आह्वान किया।उन्होंने कहा, “विदेशों में शादियां करने, विदेश घूमने और विदेश में छुट्टियां मनाने का बढ़ता चलन अब मध्यम वर्ग में आम होता जा रहा है। हमें यह तय करना होगा कि संकट के इस दौर में, हम कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्राओं को टाल दें।”प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है और पेट्रोल में एथनाल मिश्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है।
मोदी ने कहा कि पहले सरकार 100 प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी और अब इसका ध्यान पाइपलाइन के जरिये गैस की किफायती आपूर्ति पर है। साथ ही साथ सरकार सीएनजी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है।उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत दुनियाभर में जारी बड़े ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज सुधार एक्सप्रेस पर सवार है और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के हर परिवार को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए और भी तेजी से काम करती रहेगी।हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एचआइसीसी) में आयोजित कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और कई अन्य नेता उपस्थित थे। मोदी ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखीं, जिसमें हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन बनाना शामिल है।





