नई दिल्ली, एजेंसी। मध्य पूर्व में अब तक की सबसे खतरनाक जंग छिड़ गई है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच का यह संघर्ष क्षेत्रीय स्तर पर अभूतपूर्व तरीके से फैल चुका है। इलाके में मौत और तबाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना के बाद अब पूरा इलाका धधक रहा है।ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन हमले किए है। इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया। अब यह जंग सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रही, बल्कि लेबनान, सऊदी अरब और अन्य देशों तक फैल गई है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत देखी जा रही है।
सऊदी अरब ने शाइबा तेल क्षेत्र पर हमला टाला
सऊदी अरब की एयर डिफेंस ने शाइबा तेल क्षेत्र की ओर जा रहे कई ड्रोन को रोक लिया और तबाह कर दिया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि खाली इलाके में ये ड्रोन पकड़े गए है। ये ड्रोन तेल क्षेत्र को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। कई रिपोर्टों में अलग-अलग संख्या बताई गई, लेकिन हालिया घटनाओं में 2 से 9 तक ड्रोन तबाह किए गए।
कम 7 लोग मारे गए और 21 घायल हुए।
इजरायल का कहना है कि ये हमले हिजबुल्लाह के आतंकी ठिकानों पर सटीक थे, लेकिन लेबनान में नागरिक मौतें बढ़ रही हैं। हिजबुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद इजरायल पर हमले तेज कर दिए थे। इसके जवाब में इजरायल ने बेरूत पर फोकस किया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान की बिजली उत्पादन क्षमता को एक घंटे में तबाह कर सकता है। ट्रंप ने कहा, “हम जीत चुके हैं, लेकिन पूरी तरह नहीं। हम इसे जल्दी खत्म करना चाहते हैं। हम तेहरान के कुछ हिस्सों को निशाना बना सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा किया तो उन्हें देश दोबारा बनाने में दिक्कत होगी।”





