नई दिल्ली, एजेंसी (सीएलओ) ईरान ने 13 मार्च को घोषणा की कि मिसाइल और ड्रोन हमले से अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बयान में भौतिक क्षति की सीमा या किसी हताहत की सूचना के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी गई। अब तक अमेरिकी सेना ने तेहरान के इस दावे के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अमेरिका की यह चुप्पी क्षेत्र में नौसैनिक बेड़े की वास्तविक स्थिति के बारे में अटकलों को और हवा देती है। अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन। फोटो: अमेरिकी नौसेना
यूएसएस अब्राहम लिंकन एक निमित्ज़-श्रेणी का परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत है जिसे मध्य पूर्व और हिंद- प्रशांत जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अमेरिका के मुख्य हितों की रक्षा करने का कार्य सौंपा गया है।
यह घटना एक अत्यंत जटिल भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच घटी, जिसमें कई मोर्चों पर हिंसा बढ़ रही थी। अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा माना जाता है। उसी दिन, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान इराकी हवाई क्षेत्र में एक केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की। अमेरिकी पक्ष की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि वहां तैनात सैन्य बलों के लिए खतरा बहुत अधिक है।





