दोस्त का कत्ल, लाश के 5 टुकड़े: सिर, धड़ और हाथ-पैर किए अलग

नई दिल्ली, एजेंसी। वाराणसी से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। छह अगस्त से लापता युवक की हत्या की गई थी। दोस्त उसके दोस्तों ने ही की थी। आरोपियों ने युवक की गला काटकर हत्या की थी। इसके बाद लाश के पांच टुकड़े किए। फिर शव को बोरे में भरकर गोबर के गड्ढे में फेंक दिया। दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं।वाराणसी से सनसनीखेज मामला सामने आया है। वाराणसी के सिगरा थाना इलाके के शिवपुरवा से छह अगस्त से लापता ईशू कन्नौजिया (19) की उसके तीन दोस्तों ने ही गला काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने शुक्रवार की रात आरोपियों प्रदीप और उसके सगे भाई रामकृष्ण, मित्र रोहित को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा किया। ईशू का शव पांच टुकड़ों में करके प्लास्टिक के बोरे में भरकर गोबर भरे गड्ढे में फेंका गया था। आरोप है कि पिटाई का बदला लेने के लिए दोस्तों ने सात अगस्त को वारदात को अंजाम दिया और रात में शव को ठिकाने लगाया था। आरोपियों की निशानदेही पर लहरतारा मार्ग स्थित खखड़िया पोखरी के पास रेलवे के खंडहरनुमा क्वार्टर के पास गोबर के गड्ढे से प्लास्टिक के बोरे में भरे गए शव को शुक्रवार की रात बरामद किया गया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब पिलाने के बाद ईशू की हत्या की थी। चापड़ से पांच टुकड़े में शव को काटा गया था। शिवपुरवा क्षेत्र निवासी ईशू कन्नौजिया छह अगस्त की शाम को घर से निकला था लेकिन रात तक नहीं लौटा।परिजन ने 17 अगस्त को थाने में दी थी तहरीरवह अक्सर रात में घर नहीं आता था इसलिए परिजनों ने उस दिन बहुत खोजबीन नहीं की। अगले दिन दोपहर तक नहीं आया, तो परिजन परेशान हो गए। इस बीच परिजनों ने उसके दोस्तों से पता किया। रिश्तेदारी में भी खोजबीन कराई लेकिन कहीं से सुराग नहीं मिल सका।प्रदीप ने चापड़ से ईशू का गला काटा, सिर और धड़ अलग किए दस दिन से ज्यादा समय बीतने के बाद परिजनों ने 17 अगस्त को सिगरा थाने में तहरीर दी। थाने की पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी। सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रदीप और रामकृष्ण उर्फ रामकिशन दोनों सगे भाई हैं। जबकि रोहित उनका मित्र है।पूछताछ में रोहित और रामकृष्ण ने बताया कि तीन अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू ने प्रदीप की पिटाई कर दी थी। इस पिटाई से प्रदीप आहत था। प्रदीप ने बदला लेने की नियत से ईशू की हत्या की साजिश रची। छह अगस्त की रात में ईशू को बुलाया गया। सात अगस्त को दिन में उसे लेकर सभी लहरतारा-महमूरगंज पानी टंकी के पास रेलवे के खंडहरनुमा क्वार्टर गए। ईशू को खूब शराब पिलाई गई। इसके बाद तीनों ने ईशू की पिटाई की।रोहित और रामकृष्ण ने ईशू के दोनों हाथ पकड़े और प्रदीप ने चापड़ से उसका गला काट दिया। सिर और धड़ दोनों अलग-अलग कर दिए। बताया जा रहा है कि हाथ-पैर भी अलग किए थे। दोपहर 1:30 बजे घटना को अंजाम दिया गया। शव को पांच टुकड़े में काटने के बाद प्लास्टिक के बोरे में शव को तीनों ने भरा।पुलिस ने बताया कि ईशू के दोस्तों ने हत्या के बाद बड़े ही सफाई से शव को ठिकाने लगाया। ऐसी जगह चुनी जहां किसी को शंका तक न हो सके। गोबर के गड्ढे में शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर फेंका गया ताकि आसपास के लोगों को दुर्गंध न महसूस हो सके।जब लोग गुजरे तो उन्हें गोबर की दुर्गंध महसूस हो। प्रदीप ने यूट्यूब पर ये तरीका देखा था। प्रदीप ने पुलिस को बताया कि ईशू को वह काफी दिनों से जानता था। ईशू हमेशा उस पर धौंस जमाता था।

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