कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 550 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।भाजपा नेता अभिजीत दास (बाबी) की शिकायत पर दक्षिण 24 परगना जिले के थानों में दर्ज इन मामलों में 300 करोड़ रुपये की कथित अवैध मिट्टी कटाई तथा चक्रवात अम्फान के दौरान राहत सामग्री वितरण में 250 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।पहली एफआइआर कालीतला आशुती थाने में दर्ज कराई गई है। इसमें अभिषेक बनर्जी, उनके निजी सचिव सुमित राय, विष्णुपुर के तृणमूल विधायक दिलीप मंडल समेत कुल 23 लोगों को आरोपित बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2017 से एक संगठित गिरोह के जरिए लगभग 163 बीघा कृषि भूमि की उपजाऊ मिट्टी अवैध रूप से काटकर विभिन्न व्यावसायिक कार्यों के लिए बेची गई।
आरोप है कि यह कारोबार 2022 और 2023 में और तेज हुआ तथा इससे 300 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में पुलिस को कई सैटेलाइट चित्र और अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं।उनका दावा है कि इन तस्वीरों से बड़े पैमाने पर मिट्टी कटाई और भू-आकृति में हुए बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण और कृषि भूमि को गंभीर क्षति पहुंची तथा स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।दूसरी एफआईआर विष्णुपुर थाने में चक्रवात अम्फान के दौरान राहत सामग्री वितरण में कथित 250 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार को लेकर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आपदा पीड़ितों के लिए भेजी गई तिरपाल और अन्य राहत सामग्री के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ।दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की कई गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। हाल के दिनों में विभिन्न मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की पूछताछ का सामना कर रहे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ इन नई एफआईआर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि, इन आरोपों पर अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





