वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जंग छेड़ने के बाद ट्रंप ने साथी देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजें। ट्रंप ने यह अपील ईरान की तरफ से होर्मुज बंद करने के प्रयासों के बाद की थी। ट्रंप की इस अपील को असर किसी भी देश पर नहीं हुआ, अब इसे लेकर उन्होंने सभी पर निशाना साधा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार नाटो देशों पर निशाना साधा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नाटो देशों को निशाने पर लेते हुए कहा, वे कायर हैं, क्योंकि वे ईरान युद्ध में शामिल नहीं हुए और न ही होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद के लिए अपनी सेनाएं भेजीं।
यूरोप और नाटो देशों पर फूटा ट्रंप का गुस्सा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है! वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा, अब जब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है और उनके लिए खतरा भी बहुत कम है, तो वे तेल की उन ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं जो उन्हें चुकानी पड़ रही हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद नहीं करना चाहते, जो कि एक साधारण सैन्य कदम है जिसकी वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं। उनके लिए ऐसा करना कितना आसान है और इसमें जोखिम भी बहुत कम है। कायरों हम यह बात याद रखेंगे! अमेरिका-इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साथी देशों से अपील की थी और दावा किया वे किसी भी हालात में होर्मुज को खुला, सुरक्षित और मुक्त रखेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में लिखा- कई देश जो ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, अमेरिका के साथ मिलकर उसे खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे। हमने ईरान की सैन्य क्षमता को शत प्रतिशत नष्ट कर दिया है, लेकिन उसके लिए ड्रोन, बारूदी सुरंग या जलमार्ग में मिसाइल दागना आसान है। उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो इससे प्रभावित हैं





