नई दिल्ली, एजेंसी। ईरान के साथ जंग, बढ़ती महंगाई और आर्थिक नीतियों पर लोगों खासकर युवाओं की नाराजगी के बीच अमेरिका में आज मध्यावधि चुनाव होने जा रहे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही चुनाव मैदान में न हों लेकिन उनकी साख दांव पर हैं। तमाम सर्वेक्षण नीली लहर के संकेत दे रहे हैं, ऐसे में ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों की जीत के लिए आखिरी क्षण तक अपनी पूरी ताकत झोंकी। फिर भी अपनी रिपब्लिकन पार्टी को पिछड़ते देख वीटो कार्ड चल दिया।मतदान निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 यानी सीटों के लिए होना है। सीधे तौर पर कहें तो यह रिपब्लिकन व डेमोक्रेट्स के बीच संसद में वर्चस्व कायम करने की जंग है। मिशिगन में डेमोक्रेट प्रत्याशी अब्दुल अल-सईद को 53%, जबकि रिपब्लिकन माइक रोजर्स को 42% समर्थन मिला है। सईद चुनाव जीतते हैं, तो वह अमेरिकी इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बनेंगे।





