नई दिल्ली, एजेंसी। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार जारी हैं, जबकि तेहरान भी जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है और तेल की कीमतों में तेजी आई है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी के अनुसार युद्ध के 13वें दिन तक ईरान में कम से कम 1348 नागरिकों की मौत हो चुकी है।ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि अगर तेहरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में हमले न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले, तो ईरान युद्ध खत्म करने पर विचार कर सकता है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान में अब तक 1348 नागरिकों की मौत और 17 हजार से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। यूनिसेफ के अनुसार इस संघर्ष से मानवीय स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और 1100 से ज्यादा बच्चे घायल या मारे गए हैं।इस बीच ईरान से जुड़े हैकर समूह हैंडाला ने दावा किया कि उसने मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी स्ट्राइकर के नेटवर्क को ठप कर दिया और 50 टेराबाइट डेटा चुरा लिया। यह हमला मिनाब स्कूल पर हुए हमले के जवाब में बताया गया है, जिसमें 170 से ज्यादा लोग, ज्यादातर स्कूली बच्चे, मारे गए थे।ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने लेबनान के सहयोगी संगठन हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर इज़राइल के ठिकानों पर मिसाइल हमला किया।गार्ड्स ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में चेतावनी को नजरअंदाज करने वाले दो जहाजों पर गोलीबारी की गई। इस दौरान ओमान की नौसेना ने एक थाई झंडे वाले जहाज से 20 नाविकों को बचाया, जिस पर इस जलडमरूमध्य में हमला हुआ था।
लेबनान और इराक में हमले
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बेरूत के समुद्र तटीय इलाके पर इज़राइली हमले में सात लोगों की मौत और 21 लोग घायल हो गए। लेबनान सरकार के मुताबिक इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्ध में अब तक 630 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और करीब 8 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। इराक के तट के पास दो तेल टैंकरों पर भी हमला हुआ। इस हमले में एक जहाज के कम से कम एक क्रू सदस्य की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं, जबकि 38 लोगों को बचा लिया गया।





