नई दिल्ली, एजेंसी। सऊदी अरब के 96वें राष्ट्रीय दिवस पर पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR ने उर्दू-अरबी गाना ‘एक दूजे के दिल-ओ-जान’ जारी किया। लेकिन सोशल मीडिया पर तंज की बाढ़ आ गई है। यूजर्स कह रहे हैं कि सऊदी पर हालिया हूती हमलों के बीच, जब मक्का समझौते की परीक्षा हो रही है, पाकिस्तान ने सुरक्षा मदद भेजने की बजाय गाना पेश कर दिया।सऊदी अरब के 96वें राष्ट्रीय दिवस 23 सितंबर के मौके पर पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग ISPR ने एक खास उर्दू-अरबी गाना जारी किया है-‘एक दूजे के दिल-ओ-जान’। इस गाने में पारंपरिक वाद्ययंत्रों सऊदी औद और डफ के साथ पाकिस्तानी बांसुरी और ढोल की धुनें घुली-मिली हैं। एक तरफ आधिकारिक तौर पर इसे दोस्ती का प्रतीक बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ लोग पूछ रहे हैं- क्या गाना काफी है या असली सहयोग चाहिए?





