नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को डिजिटल स्वास्थ्य से जुड़ी कई नई पहलों की शुरुआत की है. इसका मकसद एक बेहतर, डेटा-आधारित और तकनीक से लैस स्वास्थ्य सुरक्षा सिस्टम तैयार करना है. इसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने स्वास्थ्य से जुड़े डेटा के सुरक्षित इस्तेमाल, इंश्योरेंस क्लेम के तेजी से निपटारे और स्वास्थ्य सेवा देने वालों के बीच आसान डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए कई मुख्य टूल्स लॉन्च किए हैं.इन पहलों की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ कार्यक्रम में की. यह आयोजन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के आठ साल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच साल पूरे होने के मौके पर किया गया.भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के सहयोग से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए इस ‘सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट’ का उद्देश्य आयुष्मान भारत और डिजिटल मिशन के जरिए मिलने वाले स्वास्थ्य डेटा तक एक नियंत्रित पहुंच बनाना और उसका विश्लेषण करना है. सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाएं इस डेटा का विश्लेषण NHA के एक अलग और सुरक्षित सिस्टम के भीतर ही कर सकेंगी, और इस डेटा से निकलने वाले निष्कर्षों को जांच के बाद ही जारी किया जाएगा.





