नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए प्रेस नोट-2 के नियमों में और ढील देने पर विचार कर रही है। खास तौर पर उन कंपनियों के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया आसान की जा सकती है, जिनमें चीनी निवेशकों की हिस्सेदारी 10% से कम है और उनका कंपनी पर नियंत्रण नहीं है। सरकार का मकसद निवेश की प्रक्रिया सरल बनाना है, लेकिन चीन से जुड़े निवेश की निगरानी भी जारी रहेगी। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, इसमें खास तौर पर दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर विचार हो रहा है। सरकार ने फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स के तहत भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) के लिए 270 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इस योजना के तहत निवेश पाने वाले 15 वैकल्पिक निवेश फंडों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे उत्पादों की भी पहचान की जा रही है, जिनका निर्माण देश में ही हो सकता है।





