नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल बॉर्डर के पास बनी एक बैरियर झील अगले 3 दिनों में टूट सकती है। चीन ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ से चेतावनी दी है कि बृहस्पतिवार को चीनी अधिकारियों के हवाले से बताया कि नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी एक बैरियर झील के अगले तीन दिनों में टूटने का खतरा है. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब चीन-नेपाल बॉर्डर इलाके में अचानक आई भयानक बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं.
खतरा कितना बड़ा
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह तक झील में लगभग 20 लाख (2 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था और यह पहले से ही ओवरफ्लो हो रही थी. सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV की रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन दिनों में झील में और 30 लाख (3 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी आने की उम्मीद है, जिससे इसके टूटने का खतरा बढ़ जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि वह झील पर बारीकी से नज़र रख रहा है और संभावित रूप से झील टूटने की स्थिति से निपटने और आपातकालीन बचाव कार्यों में मदद के लिए बाढ़ सिमुलेशन और जोखिम का आकलन कर रहा है.
अलग-अलग आंकड़े
तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से चीन-नेपाल बॉर्डर पर भयानक बाढ़ और मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) आ गई. दोनों देशों के अधिकारियों ने कम से कम 273 लोगों की मौत और 1,300 से ज़्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी दी है, हालांकि डेटा इकट्ठा करने, उसकी पुष्टि करने और तालमेल में अंतर के कारण अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में फ़र्क है. नेपाल पुलिस ने कम से कम 270 लोगों की मौत और 826 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दी है.





