देहरादून. कई दिन से अलग-अलग मौकों पर सीबीआई जांच की ओर इशारा कर रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अचानक परेड ग्राउंड में धरना दे रहे युवाओं के बीच पहुंच गए। उन्होंने स्नातक स्तरीय परीक्षा की सीबीआई जांच कराने की घोषणा कर दी। कहा कि युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। कहा कि एसआईटी जांच की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी, जिसके आधार पर परीक्षा रद्द भी की जा सकती है।
21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर के तीन पन्ने हरिद्वार के एक केंद्र से वायरल हो गए थे। युवाओं ने पेपर लीक का आरोप लगा इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी। सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी लेकिन युवा अपनी मांग पर अडिग रहे। सोमवार को अचानक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर युवाओं के बीच पहुंच गए। उन्होंने युवाओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि आप सब इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं। इससे खुद मुझे भी अच्छा नहीं लग रहा है। सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। पिछले चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है। छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए इसका अनुभव लिया है।
कहा कि पिछले दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी कर रही है। कमेटी ने काम भी शुरू कर दिया है लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी। एसआईटी जांच की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी, जिसके आधार पर परीक्षा रद्द भी की जा सकती है। आपको बता दें कि 21 सितंबर को हुई इस परीक्षा में 416 पदों के लिए 1,05,803 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।





