भारत में सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा
नई दिल्ली, एजेंसी।आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक अद्भुत खगोलीय घटना है। रविवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इसका काफी ज्यादा वैज्ञानिक, ज्योतिष और धार्मिक महत्व होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें, तो जब चंद्रमा, धरती और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है, तो इस स्थिति में सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाती है इस खगोलीय घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।
भारतीय समयानुसार रात 10:59 लगेगा सूर्य ग्रहण। वहीं, ये सूर्य ग्रहण रात 1:11 बजे चरम पर रहेगा और 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे इस सूर्य ग्रहण समाप्त हो जाएगा। सूर्य ग्रहण का ज्योतिष में काफी महत्व है। ऐसे में ज्योतिष बताते हैं कि करीब 122 साल बाद ऐसा हो रहा है कि ग्रहण से ही पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है और ग्रहण से ही पितृपक्ष का समापन भी हो रहा है। इससे पहले ऐसा संयोग 1903 में बना था।
भारत में सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा पितृपक्ष 2025 की समाप्ति और महालया 2025 के दिन लग रहे इस सूर्यग्रहण 2025 के बारे में ज्योतिषविदों का मानना है कि इसका दुनियाभर में दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। रात 10 बजकर 39 मिनट से करीब 5 घंटे तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा।





