सऊदी अरब से आ रहा था टेरर फंड! पांच आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद चौंका देने वाले खुलासे

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा नष्ट किए गए लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा संचालित अंतरराज्यीय मॉड्यूल की जांच को आगे बढ़ाने और इससे जुड़े हर तार को खंगालने की जिम्मेदारी अगले कुछ दिनों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंपी जा सकती है।इसलिए एनआईए को जांच सौंपने से इस बीच सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने लश्कर माडयूल से मिले सुरागों के आधार पर पुराने शहर के अलावा हारवन के ऊपरी भाग में तलाशी भी ली है।उल्लेखनीय है कि जम्मू-ृकश्मीर पुलिस ने खुफिया एजेंसियों की मदद से गत मार्च के अंतिम सप्ताह में लश्कर-ए-तैयबा के दो दुर्दांत अब्दुल्ला उर्फ हुरैरा और उस्मान को मलेरकोटला पंजाब से पकड़ा है। उससे मिली जानकारी के आधार पर श्रीनगर में उनके तीन स्थानीय साथियों के अलावा हरियाणा में उनके मॉड्यूल में शामिल छह और राजस्थान में चार तत्वों को पकड़ा गया है। मामले की जांच से जुढ़े एक अधिकारी ने बताया कि हुरैरा और उस्मान भी विदेश भागने की फिराक में थे। इनका एक साथी जिसके उमर उर्फ खरगोश होने की आशंका है, पहले ही विदेश भाग गया है। इन सभी ने नकली पासपोर्ट बनाए थे।उन्होंने बताया कि हुरैरा, उस्मान व इनके स्थानीय और विदेशी साथियों ने जिस तरह से अपना जाल पूरे देश में फैलाया है,उससे सभी एजेंसियां सकते में आ गई हैं। यह एक बड़ा षड्यंत्र और नेटवर्क है,जो गहन जांच के साथ साथ सामने आएगा। इस मॉड्यूल के लिए पैसा सऊदी अरब समेत कई अन्य मुल्कों से आ रहा था।वह इस मामले से संबधित सभी जानकारियां,तथ्य और बरामद साजो सामान का पूरा ब्यौरा तैयार रखे ताकि एनआईए को इस मामले की जांच का जिम्मा औपचारिक रूप से संभालने में कोई दिक्कतन हो। उन्होंने बताया कि एनआईए को यह जांच अगले चंद दिनों में सौंपीजा सकती है।

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