नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया के मौजूदा तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर को लेकर किए जा रहे दावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने मात्र एक दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया था कि हालिया सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।वेंस ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में साफ कहा, “मुझे लगता है कि यह एक गलतफहमी से उपजा है। मुझे लगता है कि ईरानियों ने सोचा कि सीजफायर में लेबनान शामिल है, लेकिन ऐसा नहीं था। हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया था।” शरीफ के दावे और अमेरिकी बयान के बीच इस स्पष्ट विरोधाभास ने पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है।क्षेत्रीय तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के रुख में कोई आम सहमति नहीं बन पाई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।पाकिस्तान का दावापाकिस्तान ने इस मुद्दे पर भी अपनी “सक्रिय भूमिका” का दावा किया था, लेकिन वास्तविक बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच ही हो रही है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के क्षेत्रीय शांति दावों को प्रमुख शक्तियों ने खारिज किया हो।कूटनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पाकिस्तान घरेलू राजनीति और मुस्लिम दुनिया में अपनी छवि को मजबूत करने के लिए ऐसे बयान जारी करता रहा है, लेकिन वास्तविकता में पश्चिम एशिया के शांति प्रयासों में निर्णायक भूमिका अमेरिका, ईरान, सऊदी अरब और इजरायल जैसे प्रमुख खिलाडि़यों के हाथ में ही रही है।वेंस का बयान स्पष्ट संकेत देता है कि वॉशिंगटन पाकिस्तान के दावों को सही नहीं मानता। शाहबाज शरीफ का लेबनान वाले दावे पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी ध्यान गया है। इसके कुछ घंटे पहले शाहबाज शरीफ की तरफ से एक्स पर लिखे पोस्ट को लेकर भी चर्चा गर्म है कि इसका ड्राफ्ट अमेरिका से आया था।





