मंडी, हिमाचल । हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल आनी में शनिवार देर शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 4 महिला अध्यापिकाओं की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, आज दोपहर बाद लगभग 5 बजे, जब क्षेत्र में भारी तूफान और तेज हवाएं चल रही थीं, तब शमशर-गुगरा मार्ग पर बाली-ओल के समीप एक चलती बोलेरो कैंपर (HP01K-4621) पर एक विशालकाय चीड़ का पेड़ गिर गया।
इस कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलट गया। इसमें चालक सहित कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें से छह शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक थे जो अपने कार्य के उपरांत घर लौट रहे थे। इस भीषण टक्कर और वाहन के पलटने के कारण 4 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इनकी पहचान 38 वर्षीय स्नेह लता (निवासी परलीधार), 38 वर्षीय बंटी कौंडल (निवासी लामीसेरी), 43 वर्षीय उषा कुमारी (निवासी तराला) और 54 वर्षीय सीमा आजाद (निवासी रोपड़ी) के रूप में हुई है। ये सभी मृतकाएं आनी तहसील जिला कुल्लू की ही रहने वाली थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे, जहां कड़ी मशक्कत के बाद शवों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें वाहन चालक सुरेश चंद (42 वर्ष), श्रीमती तारा देवी (47 वर्ष) और जिला मंडी के सरकाघाट की रहने वाली रीना कुमारी (40 वर्ष) शामिल हैं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
तूफान की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पेड़ गिरने से वाहन के परखच्चे उड़ गए और शिक्षकों का यह समूह संभलने तक का मौका नहीं पा सका। इससे पूरे कुल्लू जनपद और विशेषकर शिक्षा जगत में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। वहीं प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार राहत राशि प्रदान करने और घायलों के उचित उपचार के निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि किस प्रकार मौसम की इस बेरुखी ने चार हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और स्थानीय विधायक लोकेंद्र कुमार ने घटना को लेकर शोक व्यक्त किया है।





