अल्मोड़ा : जागेश्वर धाम स्थित पौराणिक दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से जीर्णोद्धार किया जाएगा।धाम स्थित पौराणिक दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से जीर्णोद्धार किया जाएगा। मंदिरों का संरक्षण कार्य पुरातात्विक मानकों के अनुरूप किया जाएगा जिससे उनकी प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रह सके।भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वरिष्ठ संरक्षण सहायक नीरज मैथानी ने बताया कि जागेश्वर मंदिर समूह के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है। इसके तहत मंदिरों की संरचनात्मक मजबूती के साथ उनके मूल स्वरूप को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।मंदिर के पुजारी केशव दत्त भट्ट ने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद जागेश्वर धाम स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर को पौराणिक शैली में नए सिरे से तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर का प्राचीन स्वरूप पुनर्स्थापित होने से श्रद्धालुओं को भी इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का अनुभव हो सकेगा। इसके अलावा दो अन्य मंदिरों का जीर्णोद्धार होने से जागेश्वर धाम की सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को भी संरक्षण मिलेगा।





