नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत ने प्रदेश की राजनीति को लेकर अमर उजाला से खास बातचीत में की। हरदा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के वक्त दूसरे दलाें में तोड़ फोड़ की शुरुआत की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड की राजनीतिक में दल-बदल से आ रही अस्थिरता राज्य के लिए ठीक नहीं है। चुनाव से वक्त दूसरे दलों में तोड़ फोड़ करने की शुरूआत भाजपा ने की है। अब इसे भाजपा ने आधार बना दिया कि दूसरे दलों से तोड़ कर लाओ और अपने कार्यकर्ताओं के सिर पर बैठा तो, चाहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप क्यों न लगे हो। लेकिन भाजपा में आने के बाद पारस की तरह दिखाई देने लगते
डॉट काम में पूर्व सीएम हरीश रावत ने उत्तराखंड के वर्तमान राजनीति माहौल, 2027 चुनाव की तैयारियों के साथ 25 वर्षों में हुए विकास के जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर उन्होंने कहा पंचमुखी रुद्राक्ष की तरह पार्टी के पांच नेता गोदियाल, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत व करन माहरा मिलकर पार्टी को निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके साथ मेरी भूमिका सहयोग के रूप में है। पार्टी में यदि टीम तैयार है और दूसरे लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं तो मैंने थोड़ा पीछे हटना उचित समझा चाहिए और भी काम है। राजनीतिक अवकाश के सवाल पर हरीश रावत ने कहा हम चाहते हैं पार्टी में नेतृत्व साफ तौर पर दिखाई दे। यदि उसमें हरीश रावत बैठा है तो उससे लोगों में एक संशय का संदेश जाएगा। इसलिए मैंने यह बात कही पार्टी में काम करुंगा, लेकिन चुनाव से मुझे अलग रखे तो ज्यादा बेहतर है। राजनीतिक दलों में दल-बदल अस्थिरता का बड़ा कारण बन रहा है।पूर्व सीएम रावत ने कहा, हमारे पास बड़े प्रतिभावान नौजवान है। लेकिन हम उन्हें राजनीतिक निखरने का अवसर नहीं दे रहे हैं। विधानसभा सीमित समय में चलती है। इससे अच्छे लोग अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला रहा है। इससे राज्य को नुकसान हो रहा है। नई प्रतिभाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। हमने सामान्य परिवारों को राजनीति में मार्गदर्शन कर आगे बढ़ाया। कांग्रेस में एक या दो नेताओं को छोड़ बाकी मेरे साथ जुड़े रहे। कुछ अंदर व बाहर की राजनीति में खिलाफ हो सकते हैं।





