दुबई. एशिया कप 2025 के सुपर-4 मुकाबले में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हाई-वोल्टेज मैच में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए मात्र 39 गेंदों पर 74 रन ठोके। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल थे। इस पारी की बदौलत भारत ने यह मैच सात गेंदें शेष रहते छह विकेट से अपने नाम किया। मैच के बाद पूर्व ओपनर विरेंद्र सहवाग ने अभिषेक को सलाह दी।
उन्होंने कहा कि जब भी वह 70-80 रन के आसपास हों, तो शतक बनाने की पूरी कोशिश करें। सहवाग ने कहा कि उन्होंने भी यह सीख सुनील गावस्कर से ली थी। गावस्कर ने उन्हें समझाया था कि करियर के आखिर में 70-80 पर आउट होने का अफसोस रहता है कि शतक क्यों नहीं बनाया। सहवाग ने कहा कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो अपने स्कोर को 100 तक लेकर जाएं।
भारतीय दिग्गज ने अभिषेक से कहा कि जब वह अच्छे फॉर्म में हों तो हमेशा मैच में नॉटआउट रहने का प्रयास करें। सहवाग ने कहा, ‘बहुत-बहुत बधाई। मैं यही कहूंगा कि जब भी आप 70 पर पहुंचें तो उसे शतक में बदलने का मौका कभी न चूकें। यह वही बात है जो सुनील गावस्कर ने मुझे समझाई थी। जब आप संन्यास लेते हैं, तो आपको उन पारियों का अफसोस होता है जहां आप 70 या 80 पर आउट हो गए। लगता है, काश उन्हें शतक में बदल दिया होता तो करियर में और ज्यादा शतक होते। ऐसे मौके बार-बार नहीं आते। जब आपका दिन अच्छा हो और आप लय में हों, तो कोशिश करें कि नाबाद पवेलियन लौटें। यही सबसे बेहतर होता है। इसे हमेशा ध्यान में रखें।’
सहवाग की इस सीख पर अभिषेक शर्मा ने कहा कि यह बात बिल्कुल सही है। बल्लेबाज के अच्छे फॉर्म में होने पर उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि नाबाद रहे। अभिषेक ने माना कि ऐसे मौके अक्सर नहीं आते और जब आते हैं तो उन्हें शतक में बदलना जरूरी है। इस पर एंकर गौरव कपूर ने मजाक करते हुए कहा कि अगर सहवाग ये सीख नहीं देते तो युवराज सिंह का कॉल बस आने ही वाला होगा। युवराज अभिषेक के मेंटर हैं। इस पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा, ‘निश्चित तौर पर वह भी मुझे यहीं कहेंगे। वह कहेंगे कि भाई एक छक्का मार चुका था तो दूसरे को भी छक्के मारने का मौका दे…मैं इस पर भी काम कर रहा हूं’। इस पर सब हंस पड़े।





