लखनऊ में 800 रुपये में बनाते थे फर्जी आयुष्मान कार्ड, कई स्तरों पर जाता था हिस्सा

लखनऊ। फर्जीवाड़ा कर हजारों लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाकर इलाज कराने के मामले में रोजाना नए राजफाश हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि जालसाज प्रत्येक व्यक्ति से आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आठ सौ रुपये प्रति कार्ड वसूलते थे।इसमें से एक हिस्सा नोडल एजेंसी में कार्ड अप्रूव करने वाले विश्वजीत को जाता था। गिरोह के आठ आरोपितों को लखनऊ और दो को प्रयागराज से गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रदेश भर में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।साइबर क्राइम थाने में बीते वर्ष आइटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में फर्जीवाड़ा कर आयुष्मान कार्ड बनाने का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान गिरफ्तारी शुरू हुई तो 17 जून 2025 को दो आरोपित प्रयागराज, 24 दिसंबर 2025 को सात आरोपित लखनऊ से पकड़े गए। एक आरोपित बुधवार को एसटीएफ ने पारा से गिरफ्तार किया। पारा की बजरंग विहार कालोनी से पकड़े गए आरोपित की पहचान हरदोई के संडीला स्थित करामत खेड़ा निवासी चक्र शेरू उर्फ अभिषेक उर्फ अजय के रूप में हुई।वह कालोनी के अवी जन सेवा केंद्र (सीएससी) में नौकरी कर असली आवेदकों की फैमिली आइडी में एक फर्जी पोर्टल की मदद से अपात्र आवेदकों को जोड़ता था।

इसके बाद उनका आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आवेदन करता था। अपात्र आवेदक को उस व्यक्ति की फैमिली आइडी में जोड़ा जाता था जिसके जिले और पिता का नाम एक ही हो।कुछ दिन बाद आयुष्मान कार्ड एप्रूव हो जाता था। चक्र शेरु ने अपना आयुष्मान कार्ड भी बजरंग विहार की सीएससी से ही फर्जीवाड़ा कर बनवाया था। यह सीएससी अवनीश नाम का युवक चलाता था। पूर्व में उसे भी जेल भेजा जा चुका है। अवनीश ने चक्र शेरू की मुलाकात चंद्रभान नाम के शख्स से कराई थी।चंद्रभान ने ही चक्र शेरू को सीएससी पर काम करने और आयुष्मान कार्ड के गिरोह में शामिल होने की बात कही थी।

पूछताछ में सामने आया कि चंद्रभान आयुष्मान कार्ड एप्रूव कराने के चक्र शेरू से प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये लेता था, जबकि चक्र शेरू आवेदकों से आठ सौ रुपये तक वसूलता था। इसी के बाद सभी का अलग-अलग हिस्सा बंटता था।चंद्रभान जो रुपये लेता था उसमें से एक हिस्सा स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटिग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) से कार्ड अप्रूव करने वाले विश्वजीत को जाता था। जो कार्ड किसी कारणवश प्राथमिक स्तर पर अप्रूव नहीं होता था उन्हें विश्वजीत फर्जीवाड़े से अप्रूव करता था।मामले में सुजीत कनौजिया, राजेश मिश्रा और सौरभ, साचीज से कार्ड अप्रूव करने वाले विश्वजीत के साथ ही चंद्रभान समेत लखनऊ और प्रयागराज से कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के कई आरोपितों की तलाश अब भी जारी है।

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