रामनगर । उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ रहा है, इसी कड़ी में विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में प्रशासन ने बड़ी सावधानी बरतते हुए डे सफारी को अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया है।
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने आज यह जानकारी दी कि इस समय पार्क के गर्जिया पर्यटन जोन, ढेला पर्यटन जोन और झिरना पर्यटन जोन में डे सफारी का संचालन किया जा रहा है, जहाँ पर्यटक सुबह और शाम की पाली में जंगल सफारी का आनंद लेते हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश और प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए सफारी को फिलहाल गुरुवार से रोक दिया गया है।
डॉ. बडोला ने बताया कि आज भी जिला प्रशासन ने भारी बारिश के चलते अलर्ट जारी किया था, इसी कारण सुबह की पाली में सफारी का संचालन नहीं किया गया, उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा मौसम की स्थिति बेहद अनिश्चित है, ऐसे में किसी भी प्रकार का जोखिम उठाना सही नहीं होगा,पार्क प्रशासन अब मौसम में सुधार होने और हालात सामान्य होने के बाद ही सफारी संचालन बहाल करने पर विचार करेगा।
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में हर साल हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, सफारी के दौरान पर्यटक बाघ, हाथी, गुलदार समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों को देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं लेकिन बारिश के मौसम में जंगल की पगडंडियां फिसलन भरी हो जाती हैं और नदी-नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ सफारी वाहनों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। पार्क प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा से बड़ा कोई विकल्प नहीं हो सकता, इसी वजह से सफारी को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। श्री बडोला ने यह भी कहा कि मौसम की निगरानी लगातार की जा रही है और जैसे ही हालात सामान्य होंगे, सफारी को फिर से शुरू किया जायेगा।
बारिश से सफारी बंद होने का सीधा असर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों पर भी पड़ता है, गाइड, जीप संचालक, होटल और रिसॉर्ट व्यवसायी इस दौरान आय से वंचित हो जाते हैं, हालांकि स्थानीय लोग भी मानते हैं कि जान-माल की सुरक्षा से बड़ा कोई पहलू नहीं है, इसलिए प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया जा रहा है।





