एक्सप्लेनर एआई : एंथ्रोपिक के रिसर्चर के दावे ने क्यों बढ़ाई दुनिया की चिंता?

नई दिल्ली, एजेंसी। एआई की बढ़ती ताकत के साथ अब इसके खतरों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। एआई रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एंथ्रोपिक से इस्तीफा देकर दावा किया कि एआई की दौड़ भविष्य में इंसानों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जैकब कॉक्सन कौन हैं? उन्होंने क्या कहा? एंथ्रोपिन ने क्या जवाब दिया? एआई को लेकर पहले कौन-कौन से चेतावनियां दी जा चुकी हैं? एआई का इस्तेमाल विश्व में कैसे तेजी से बढ़ रहा है? एआई की रेस में भारत कहां है?जैकब कॉक्सन 27 साल के एआई रिसर्चर हैं। उन्होंने पिछले तीन साल में ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों में प्री-ट्रेनिंग रिसर्च पर काम किया। प्री-ट्रेनिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें एआई मॉडल को बड़ी मात्रा में डेटा से प्रशिक्षित किया जाता है।कॉक्सन ने एंथ्रोपिक छोड़ने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि एआई को लेकर जिस दिशा में काम हो रहा है, उससे वह चिंतित हैं। उनका कहना है कि एआई कंपनियां ऐसी सुपरइंटेलिजेंस बनाने की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं, जो खुद को लगातार बेहतर कर सके।

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