नई दिल्ली, एजेंसी। अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में जौहर के चित्रण पर सवाल उठाए। उनके बयान की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। इसके बाद उन्होंने इस मामले पर सफाई दी। हालांकि अब आगरा में अभिनेत्री के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। एक समूह ने उनके पोस्टर जलाए और उन्हें पैरों तले रौंदा।मंगलवार को ‘योगी यूथ ब्रिगेड’ के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य राजपूत महिलाओं के साहस और बलिदान पर सवाल उठाने के लिए भास्कर की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री को उस दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों की समझ नहीं है।विरोध-प्रदर्शन के दौरान, तोमर ने स्वरा भास्कर की जीभ काटने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए 1.51 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की। इसके अलावा, उन्होंने अभिनेत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया।यह विवाद तब शुरू हुआ जब भास्कर ने 31 अगस्त को दिल्ली के एक कार्यक्रम फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन के बारे में बात की। उन्होंने तर्क दिया कि जौहर को सम्मान के काम के तौर पर दिखाने से दुष्कर्म पीड़िताओं के बीच गलत संदेश जा सकता है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या महिलाओं की पवित्रता को उनकी जान से ज्यादा कीमती माना जाना चाहिए।बाद में स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके साफ किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या दूसरी महिलाओं को कायर नहीं कहा था। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता इस बात को लेकर थी कि आधुनिक फिल्में किन चीजों को महिमामंडित करती हैं और इस बात पर जोर दिया कि दुष्कर्म पीड़िता को कभी ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि बच जाने की वजह से वे कम साहसी हैं।इस विवाद के कारण सोशल मीडिया पर स्वरा भास्कर और शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के बीच ‘पसंद’ और ‘जौहर के महिमामंडन’ के मुद्दे पर बहस भी हुई।इस मामले पर फिल्म ‘पद्मावत’ के लेखक प्रकाश कपाड़िया ने भी अपनी बात रखी। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कपाड़िया ने कहा, ‘हमने अपनी रिसर्च और इतिहास की किताबों में लिखी बातों के आधार पर यह फिल्म बनाई है। हर व्यक्ति फिल्म को अलग तरह से समझता है। हमने जो दिखाया, जिसमें जौहर का सीन भी शामिल है, वह उस समय की सच्चाई थी। इसे अब बदला नहीं जा सकता। हालात ‘करो या मरो’ वाले थे।’





