अमेरिका और रूस की तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है. रूस और उसके दोस्तों को तोड़ने के लिए अमेरिका ने ब्रह्मास्त्र चल दिया है. रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका शिकंजा कसने जा रहा है. अमेरिकी सीनेट ने रूस वाला बिल पास कर दिया है. यानी अमेरिकी सीनेट से रूस के खिलाफ एक बड़े प्रतिबंध वाले बिल को मंजूरी मिल गई है. इस बिल में 100 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रावधान है. इस बिल में उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने का रास्ता साफ किया गया है, जो रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं. ऐसे देशों में भारत भी शामिल है. कुल मिलाकर अमेरिका और रूस के बीच चल रही तनातनी का असर अब भारत पर भी पड़ सकता है. अमेरिका के इस चाल को समझें तो भारत को रूस से यारी की कीमत चुकानी पड़ सकती है.
सबसे पहले अमेरिकी सीनेट में क्या हुआ, इस बात को अच्छे से समझते हैं. अमेरिका सीनेट ने शुक्रवार को रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाला एक अहम बिल पास कर दिया है. इस बिल का नाम है Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 ( लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026). इसे सीनेट ने 86-11 वोट से पास कर दिया. इस बिल में रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रावधान है.
कैसे कानून बनेगा यह बिल
यह बिल अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के पास जाएगा. वहां से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद ही यह कानून बन सकेगा. यानी अभी भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लागू नहीं हुआ है. लेकिन इस बिल के कारण भारत समेत पांच देशों पर 100% तक टैरिफ लगाए जाने का खतरा पैदा हो गया है. यह रूसी सैंक्शन वाला बिल दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था.





