मार्च की शुरुआत में ही दिखने लगा लू का कहर

नई दिल्ली, एजेंसी। देश में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। मार्च की शुरुआत में ही कई राज्यों में लू और भीषण गर्मी के हालात बनने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश में 6 मार्च को लू दर्ज हुई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे जल्दी है। तटीय राज्यों में भी सामान्य से पहले गर्मी देखने को मिल रही है। देश में इस साल गर्मी ने सामान्य समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च की शुरुआत में ही कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ क्षेत्रों में लू और भीषण गर्मी जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले कई वर्षों में सबसे जल्दी दर्ज हुई गर्मी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 6 मार्च 2026 को लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति दर्ज की गई। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे जल्दी दर्ज हुई घटना है। इससे साफ संकेत मिलता है कि देश में गर्मी का पैटर्न तेजी से बदल रहा है और मौसम का मिजाज पहले के मुकाबले अलग होता जा रहा है।

हिमाचल में इतनी जल्दी लू क्यों दर्ज हुई?
आम तौर पर हिमालयी राज्यों में मार्च के शुरुआती दिनों में इतनी तीखी गर्मी नहीं होती। लेकिन इस साल हिमाचल प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह में ही तापमान तेजी से बढ़ गया। कई स्थानों पर लू जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग का कहना है कि यह असामान्य स्थिति है और यह संकेत देती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर पहले से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।पिछले वर्षों के आंकड़े देखें तो यह बदलाव साफ नजर आता है। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश में पहली लू 6 अप्रैल को दर्ज की गई थी। वहीं 2024 में राज्य में पहली लू 19 मई को दर्ज हुई थी। यानी इस साल के मुकाबले करीब 74 दिन बाद। वर्ष 2023 में पूरे साल हिमाचल में लू की कोई घटना दर्ज नहीं हुई थी। वहीं 2022 में पहली लू 16 मार्च को दर्ज हुई थी। इन आंकड़ों से साफ है कि 2026 में गर्मी पहले से कहीं जल्दी शुरू हो गई है।केवल पहाड़ी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि तटीय राज्यों में भी गर्मी जल्दी शुरू हो रही है। कोंकण और गोवा क्षेत्र में 2025 में 25 फरवरी को ही लू दर्ज की गई थी। इसे सर्दियों के दौरान दर्ज हुई सबसे जल्दी लू माना गया था। वहीं 2026 में इसी क्षेत्र में 5 मार्च को देश की पहली लू दर्ज की गई।

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