नई दिल्ली, एजेंसी। जम्मू चीन अमेरिकी बंकर बस्टर बमों के हमलों से बचने के लिए अपने सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को जमीन में काफी गहराई में बनाएगा। इसके लिए तिब्बत, शिनजियांग और सिचुआन प्रांतों में काम भी शुरू कर दिया गया है। ईरान के परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों के बाद से ही चीन परेशान है।
बीजिंग: चीन मध्य पूर्व संघर्ष के दौरान ईरान में अमेरिकी बंकर बस्टर बमों के हमलों से डरा हुआ है। इस कारण वह अपने सैन्य अड्डों, मिसाइल ठिकानों को जमीन में और अधिक गहराई में छिपाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में बड़े पैमाने पर मिसाइल साइलो का निर्माण किया है, जिनमें लंबी दूरी तक हमला करने वाली परमाणु मिसाइलों को लॉन्च के लिए तैयार रखा गया है। ऐसे में वह जानता है कि अगर अमेरिका के साथ युद्ध होता है तो उसके इन सैन्य अड्डों पर अमेरिका बंकर बस्टर बमों से हमला कर सकता है।
जमीन के नीचे सुरक्षित ठिकानें बनाएगा चीन
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी एनर्जी एक्सपर्ट्स पहले से ही जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए स्ट्रेटेजिक एनर्जी और डिफेंस एसेट्स की सुरक्षा के लिए पश्चिमी चीन में जमीन के नीचे सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर्स का नेटवर्क तैयार करने की अपील कर रहे हैं। सरकारी पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ऑफ़ चाइना (पावरचाइना) के चीफ टेक्निकल एक्सपर्ट झांग शिशु ने कहा कि जरूरी सुविधाओं को जमीन के नीचे गहराई में दबाना चाहिए ताकि तेल, नेचुरल गैस और रेयर मेटल्स जैसे रिसोर्स को स्टोर किया जा सके और उन्हें संभावित मिलिट्री हमलों या सर्विलांस से बचाया जा सके। एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस प्लान के तहत एक टियर वाला सिस्टम विकसित करेगा। इसमें बड़े सेंट्रल स्टोरेज हब को छोटे रीजनल डिपो और बॉर्डर फैसिलिटी से जोड़ा जाएगा। इसमें खासतौर पर तिब्बत और शिनजियांग वाले सीमावर्ती इलाकों पर फोकस किया ।





