पटना: डक नदी के कारण मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण के कुछ हिस्सों में कटाव का खतरा रहता है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से डिस्चार्ज किए जा रहे पानी में रात एक बजे के बाद से कमी आई है। सुबह आठ बजे के करीब 93 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। पश्चिम चंपारण के बाद यह पानी अन्य जिलों से होकर वैशाली और सारण की सीमा के पास सोनपुर में गंगा नदी में मिल जाता है।नेपाल में सेना और निजी हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घायलों का इलाज नवाकोट सेना अस्पताल, जिला अस्पताल, राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर, वीर अस्पताल और त्रिभुवन मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है। बिहार सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और पैनिक नहीं करने की अपील की है। प्रशासन के पास बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे 06252-242418 पर सक्रिय है।मनगर कोसी बराज से सुबह 8 बजे 1 लाख 44 हजार 680 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वहीं, नेपाल के बराह क्षेत्र में सुबह आठ बजे 89 हजार 500 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ, जो घटते क्रम में है। फिलहाल कोसी नदी के जलस्तर में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। प्रशासन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कोसी बराज से जुड़े भ्रामक तस्वीरों और वीडियो पर भी नजर रख रहा है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई बाढ़ पर दुख जताते हुए कल देर शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। शाह ने कहा कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति का असर बिहार के सीमावर्ती जिलों पर पड़ने की आशंका के बीच प्रशासन को सतर्क किया गया है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज की जा रही हैं।





