नेपाल, एजेंसी। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बताया कि नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर वाले इलाके के पास बर्फ और चट्टान का एक हिस्सा टूटकर गिर गया। यह जगह रासुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है।बर्फ का वह हिस्सा या तो किसी ग्लेशियल झील में गिरा या उसने नदी का रास्ता रोक दिया। इसके बाद ग्लेशियर की बर्फ, पिघली हुई बर्फ के पानी और मलबे के साथ पानी का तेज बहाव लेंधे खोला से होता हुआ भोटे कोशी नदी में जा गिरा।इस वीडियो में 25 और 26 अगस्त की सैटेलाइट तस्वीरें साथ-साथ दिखाई गई हैं, जिनमें बाढ़ से पहले और बाद के हालात की तुलना की गई है।नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि 500 पर्यटक लापता हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे देशों के 291 लोग शामिल हैं।टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों में से ज्यादातर भारत और भारतीय समुदाय के लोग हो सकते हैं, जो हिंदुओं के पवित्र स्थल तिब्बत में माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा पर गए थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह से बात की और मदद की पेशकश की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘भारत नेपाल को हर तरह की मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।’पिछले साल अगस्त में भी इन्हीं इलाकों में ऐसी ही अचानक बाढ़ आई थी, जब ज़्यादा तापमान की वजह से तिब्बत में एक ग्लेशियल झील का पानी ओवरफ्लो हो गया था। उस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी और नेपाल और चीन को जोड़ने वाले पुल समेत कई अहम बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा था।





