वॉशिंगटन: फ्रांस के स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है. इसमें कहा गया है कि ये ग्लोबल कम्युनिस्ट प्रोपेगैंडा नेटवर्क का हिस्सा है. यह नेटवर्क फ्रांस से आगे बढ़कर अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील और भारत जैसे देशों तक फैला हुआ है.9 अक्टूबर को पब्लिश हुई फॉक्स न्यूज डिजिटल की एक इन्वेस्टिगेशन में फ्रांस के स्टूडेंट प्रोटेस्ट मूवमेंट और उसके सपोर्टर्स के बड़े नेटवर्क से जुड़े 50 ऑर्गनाइजेशन की पहचान की गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि कम्युनिस्ट, सोशलिस्ट और कट्टर लेफ्ट ग्रुप स्कूल के हालात को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का इस्तेमाल बड़े राजनीतिक और वैचारिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं.फॉक्स न्यूज डिजिटल के अनुसार उसके एनालिसिस में पहचाने गए 50 ऑर्गनाइजेशन में से सिर्फ 15 स्टूडेंट या यूथ ग्रुप हैं, जबकि बाकी 35 में लेबर यूनियन, कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट ऑर्गनाइजेशन, पॉलिटिकल पार्टी, सिविल-राइट्स ग्रुप और दूसरे एडवोकेसी ऑर्गनाइजेशन शामिल हैं.





