नई दिल्ली, एजेंसी। अगले लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक और लोकसभा समेत विधानसभाओं में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का विधेयक गिरते ही भाजपा समेत राजग ने कांग्रेस और विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।महिला आरक्षण और सीट वृद्धि विधेयक हुए विफलअब राजग, विपक्ष के विरुद्ध प्रचार अभियान छेड़ेगा। शनिवार को कैबिनेट की बैठक भी बुलाई गई है। इसका एजेंडा स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस बात पर सबकी नजर है कि सरकार इन विधेयकों से जुड़ा कोई फैसला लेती है या नहीं।लोकसभा में विपक्ष का सहयोग नहीं मिलने के तत्काल बाद भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर राजग नेताओं की बैठक हुई। बताते हैं कि राजग हर राज्य में यह बताने कि कोशिश करेगा कि परिसीमन में किसी राज्य को नुकसान नहीं हो रहा था।सीट बढ़ने से जनगणना के बाद एससी-एसटी की सीटें भी बढ़तीं। लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व में सपा, तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे पारित नहीं होने दिया। जाति जनगणना हो रही है, आने वाले समय में ओबीसी को लेकर भी सदन फैसला ले सकता है, लेकिन विपक्ष ने इसे पारित नहीं किया।





