देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंगाल चुनाव परिणामों को दशकों के काले अध्याय का अंत बताया। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद की इन चुनाव परिणामों के साथ दशकों का काला अध्याय समाप्त हुआ है। सीमापार के घुसपैठियों को दिया गया अनैतिक संरक्षण, नरसंहार, भ्रष्टाचार व तुष्टीकरण की घिनौनी राजनीति का बंगाल से समूल नाश हुआ है।प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में आज देश भर में सनातन की जो प्रचंड आंधी चल चल रही है, वह भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद है। यह भाजपा की साफ्ट पावर नीति अर्थात साहित्य, कला और सनातन संस्कृति की अराजकता व विभाजनकारी सोच पर विजय है। इन परिणामों ने तय किया है कि जो पार्टी स्थानीय संस्कृति व सनातन आस्था को आत्मसात नहीं करती है, वह जनमानस से कट जाती है।राष्ट्र विरोधी, महिला विरोधी और सनातन विरोधी जो भी दल देश के विकास और अस्मिता को रोकने का दुस्साहस कर रहे थे, जनविश्वास उन्हें चरणबद्ध तरीके से राजनीति के क्षितिज से हटा रहा है। यह नक्सलवाद के बाद दशकों के गुंडाराज व माफियाराज के अध्याय का अंत है। दक्षिण में भी हमारा वोट प्रतिशत ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है।वहां से दक्षिण बनाम उत्तर भारत और भाषा व क्षेत्रवाद के आधार पर राजनीति का ढांचा ढह रहा है। इस बात में कोई संदेह नहीं कि विजय की यह आंधी आने वाले वर्षों में, पुडुचेरी से आगे बढ़ते हुए केरलम तक प्रवाहित होगी। आज मोदीजी वैश्विक पटल पर ‘अटल विश्वास’ के पर्याय बन चुके हैं, जिस पर बंगाल की जनता ने अपने समृद्ध अतीत की ओर लौटते हुए, निर्णायक मुहर लगाकर नए युग का सूत्रपात किया है।





