नई दिल्ली, एजेंसी। नई पीढ़ी और नया तरीका। जेन-जी का आंदोलन सफल। आंदोलन से बड़ी कार्रवाई ही नहीं हुई, बहुत कुछ पहली बार घटा है। विभागों में भी बड़े पैमाने पर सफाई हुई है। सीजेपी ने कहा कि यह तो ट्रेलर, युवाओं के मुद्दे उठाते रहेंगे।सुप्रीम कोर्ट की युवाओं के संदर्भ में कॉकरोच वाली टिप्पणी के विवाद से पैदा हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पार्टी ने 36 दिन के आंदोलन में ही शिक्षा मंत्रालय से जुड़े पूरे तंत्र की ‘सफाई’ कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने कहा कि यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है। देश का युवा जाग चुका है।जंतर-मंतर से विरोध प्रदर्शन वापस लेने के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, लोकतंत्र में जवाबदेही सबसे जरूरी है। युवा देश के भविष्य हैं, वे इसे बहाल करने में सफल रहे हैं। यह बड़ी जीत है। युवाओं ने इस आंदोलन को वापस ले लिया है।इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कानून लोकपाल बनाने की मांग को लेकर लाखों लोग सड़कों पर उतरे। दबाव में संसद को मजबूत एंटी-ग्राफ्ट (भ्रष्टाचार विरोधी) कानून पारित करना पड़ा। दिसंबर 2019 संसद की ओर से नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पारित किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सरकार ने इस कानून को मार्च 2024 में देश भर में लागू किया। इस कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यकों (हिंदू, पारसी, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई) को भारत की नागरिकता देने का रास्ता आसान हुआ।





