मैदानों की तपिश से पहाड़ों की ओर उमड़े पर्यटक

नैनीताल। मैदानी हिस्सों में चढ़ते पारे ने पहाड़ों के पर्यटन कारोबार में बढ़ोतरी कर दी है।सरोवर नगरी नैनीताल में ही अप्रैल 2025 के सापेक्ष इस माह अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। कौसानी, रानीखेत, जागेश्वर व कैंची धाम में वीकेंड पर पर्यटक व श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार स्कूलों में छुट्टियां होने के बाद 15 मई से पीक सीजन में पर्यटकों की बंपर भीड़ उमड़ेगी। इसके लिए अभी भी होटलों में एडवांस बुकिंग भी हो रही है।नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट के अनुसार ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन का आगमन अप्रैल मध्य से माना जाता है लेकिन इस बार अप्रैल शुरूआत से ही बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने शुरू हो गए थे।इसका बड़ा कारण पश्चिम एशिया में युद्ध भी है। इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों की सैर पर जाने वाले भारतीय सैलानियों का रुख पर्वतीय क्षेत्रों की ओर हो गया।

इसका लाभ नैनीताल ही नहीं बल्कि देशभर के अन्य हिल स्टेशनों को मिला है। इसके साथ ही मैदानी भागों में तपिश काफी बढ़ने से भी पहाड़ों में सैलानियों की संख्या बढ़ी है।बीच-बीच में हो रही वर्षा से मौसम और भी सुहावना हो रहा है। यद्यपि जंगलों में लगी आग से वातावरण में धुआं फैलने के कारण कौसानी से हिमालय के दर्शन प्रभावित हुए हैं लेकिन पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।व्यापार मंडल अध्यक्ष बब्लू नेगी के अनुसार कौसानी व आसपास 55 होटल और 25 से अधिक होम स्टे हैं। मई और जून के लिए यहां के होटलों में लगभग 50 प्रतिशत तक एडवांस बुकिंग भी हो चुकी है।जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल में कौसानी में 6295 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष अभी तक 6895 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। पर्यटक कौसानी के साथ-साथ बैजनाथ, बागनाथ मंदिर तथा अन्य दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं।

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