CM धामी समेत मंत्रियों का काफिला होगा आधा, हफ्ते में एक दिन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य में ऊर्जा व ईंधन बचत को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री व मंत्रीगणों के फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी करने, सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे करने और वर्क फ्राम होम को अधिकतम दिन करने का निर्णय किया है।सरकारी व निजी भवनों में एसी का प्रयोग सीमति करने, सरकारी विभागों में वीडियो कांफ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा देने के साथ सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा।कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रभावी ईवी नीति लाने समेत सरकारी विदेश यात्राओं को भी सीमित करने का निर्णय किया है। कैबिनेट ने राज्य में स्वैच्छिक चकबंदी नीति और संशोधित होम स्टे नियमावली को भी मंजूरी दी है।यात्री वाहनों से पटे चारधाम यात्रा मार्ग, अब तक 11.79 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधाम यात्रा चरम पर है। प्रतिदिन हजारों यात्री चारधाम दर्शन को पहुंच रहे हैं। अब तक चारधाम के दर्शन 11.79 लाख यात्री कर चुके हैं। केदारनाथ में रोजाना 25 हजार से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे और 20 दिन में ही 4.91 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में अब तक 3.02 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि यमुनोत्री धाम में 1.94 लाख और गंगोत्री धाम में 1.92 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं।यूपी में तकनीकी छात्रों को मिलेगा उद्योगों का सीधा अनुभवलखनऊ। प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब दो औद्योगिक भ्रमण और औद्योगिक प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने की तैयारी है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उद्योगों और निर्माण स्थलों का व्यावहारिक अनुभव दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने विधान भवन स्थित कार्यालय में डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

इसमें तय किया गया कि सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम निर्माण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि उन्हें बड़े निर्माण कार्यों की वास्तविक जानकारी मिल सके। वहीं मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को ईवी निर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा कराया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीकों और मशीनों को करीब से समझ सकें।कानपुर। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज में दाखिले का सपना लेकर महीनों तक दिन-रात तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नीट परीक्षा रद्द होने की खबर बड़ा झटका बनकर सामने आई है। परीक्षा निरस्त होने के बाद छात्रों में गुस्सा, निराशा और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्रों का दर्द उनकी जुबान पर आ गया। वहीं शिक्षकों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।बीते तीन म को पूरे देश में नीट यूजी परीक्षा 2026 का आयोजन किया गया था।

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