नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में चार, कनॉट प्लेस पुलिस थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशनों में भी एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है।कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि मेरी सोनम वांगचुक से कई बार बात हुई। नतीजा यह निकला कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक रूप से शांति बनाए रखने और सही तरीके से विरोध करने की अपील भी की है… देश में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में, सत्ताधारी सरकार द्वारा भेजे गए असामाजिक तत्व घुसपैठ करके पूरे विरोध को पटरी से उतार देते हैं, और आखिर में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने वालों को ही दोषी ठहराया जाता है; ऐसा नहीं होना चाहिए। जेपी नड्डा को शर्म आनी चाहिए। लोग यहां 30 दिनों से बैठे हैं… राजनीति तो वही कर रहे हैं… धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी है, इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता… इसके बिना विरोध जारी रहेगा। जब तक जरूरत होगी, तब तक यह चलता रहेगा।पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (पंजाबी बाग) जय प्रकाश, जो ड्यूटी के दौरान माथे पर चोट लगने से घायल हो गए, कहते हैं कि मैं सुबह 7:00 बजे से जंतर-मंतर के पास विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर ड्यूटी पर था। प्रदर्शनकारी पूरे दिन नारे लगाते रहे और सड़क पर हंगामा करते रहे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट की ओर बढ़ने की कोशिश की। हमने पार्लियामेंट स्ट्रीट पर बैरिकेड लगाकर, इंसानी चेन बनाकर और उन्हें आगे न बढ़ने के लिए समझाकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, उनमें से कुछ लोगों ने अचानक प्लास्टिक की पानी की बोतलें और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। एक पत्थर मेरे माथे पर लगा। अभी मेरा इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने मुझे बताया है कि मुझे मामूली फ्रैक्चर हुआ है और आगे की मेडिकल जांच चल रही है।





