नई दिल्ली, एजेंसी।वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तेजी से बढ़ रही कीमतों और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अपनी रेटिंग पर मंडरा रहे संकट से बेपरवाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप शनिवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई दो घंटे की बैठक से बिना किसी निर्णय के ही बाहर निकल आए। यह बैठक ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए संभावित समझौते पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि हालांकि समझौता करीब है, फिर भी ईरानियों के लिए फंड जारी करने जैसे मामलों पर अभी भी विचार-विमर्श चल रहा है।मीटिंग से पहले ट्रंप ने क्या कहा था?व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने एक बयान में कहा, “सिचुएशन रूम की बैठक समाप्त हो गई है और यह लगभग दो घंटे तक चली। राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे जो अमेरिका के लिए अच्छा हो और उनकी ‘रेड लाइन्स’ (सीमाओं) को पूरा करता हो। ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।”मीटिंग से पहले ट्रंप ने कहा था कि वे इस मीटिंग में संभावित सीजफायर को लेकर आखिरी फैसला करने जा रहे हैं कि आगे कैसे बढ़ना है। हालांकि, तेहरान के साथ तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे मुद्दों पर दोनों के बीच मतभेद बने हुए हैं।’अगले आदेश तक नहीं होगा कोई लेन-देन’उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछाई गई माइंस को हटाएगा, अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और जहाजों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि ईरान के अत्यधिक एनरिच्ड यूरेनियम को बाहर निकालकर नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगले आदेश तक किसी भी पैसे का लेन-देन नहीं होगा।”वे उन रिपोर्टों का जिक्र कर रहे थे जिनमें कहा गया था कि तेहरान बातचीत के अगले चरण में बढ़ने से पहले ईरान की जब्त की गई 12 अरब डॉलर की संपत्ति को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा था।





