नई दिल्ली, एजेंसी। चुनावी नतीजों के बाद बंगाल व तमिलनाडु के बदले सियासी समीकरण में अब दोनों ही राज्यों में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के लागू होने और सरकारी स्कूलों के पीएम-श्री स्कीम से जुड़ने की उम्मीद जगी है।शिक्षा मंत्रालय जल्द ही दोनों ही राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में पत्र लिखकर स्कूली शिक्षा में सुधार से जुड़ी इन पहलों से जुड़ने व एमओयू करने का अनुरोध करेगा।तमिलनाडु और बंगाल में नई शिक्षा व्यवस्थाशिक्षा मंत्रालय ने दोनों ही राज्यों में बदले सियासी समीकरणों को देखते हुए इसे लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है। अब तक सियासी वजहों से ये दोनों ही राज्य सरकारी स्कूलों से उन्नयन से जुड़ी पीएम-श्री स्कीम और एनईपी को लागू करने में आनाकानी करते रहे हैं।तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने तो पीएम-श्री स्कीम पर सहमति बनने के बाद भी अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। हालांकि शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि यह स्कीम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले राज्य के बच्चों के हित में है।शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा सेजुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों ही राज्यों के मुख्य सचिवों को अगले एक-दो दिनों में पत्र भेज दिया जाएगा। दोनों ही राज्यों में एनईपी के लागू होने और पीएम-श्री स्कीम को अपनाने की उम्मीद इसलिए जगी है क्योंकि दोनों ही राज्यों में पूर्ववर्ती सरकारें बदल गई है।बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में डीएमके दोनों को ही हाल के विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पंजाब में पीएम- श्री स्कीम लागू नहीं हो पायी है। इस स्कीम के तहत प्रत्येक में पहले से संचालित दो सरकारी स्कूलों को एनईपी की सिफारिशों के अनुरूप उन्नयन किया जाना है।





