नीट परीक्षा रद्द: कानपुर के छात्रों में गुस्सा

कानपुर। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज में दाखिले का सपना लेकर महीनों तक दिन-रात तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नीट परीक्षा रद्द होने की खबर बड़ा झटका बनकर सामने आई है। परीक्षा निरस्त होने के बाद छात्रों में गुस्सा, निराशा और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्रों का दर्द उनकी जुबान पर आ गया। वहीं शिक्षकों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।बीते तीन म को पूरे देश में नीट यूजी परीक्षा 2026 का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा के लिए शहर में 43 केंद्र बनाए गए थे, जहां पर 21365 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिया था। परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक सोशल मीडिया और अन्य गतिविधियों से दूरी बनाकर केवल पढ़ाई पर ध्यान दिया था। छात्र राघव ने कहा कि परीक्षा के बाद राहत महसूस हो रही थी, लेकिन अब दोबारा परीक्षा की संभावना ने मानसिक तनाव बढ़ा दिया है। छात्रा नंदिका कालरा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव पहले ही बहुत ज्यादा होता है, ऐसे में परीक्षा रद्द होने से मेहनत और समय दोनों प्रभावित होते हैं।

क्षकों ने जताई चिंताकोचिंग संस्थानों और स्कूलों से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि लगातार विवादों से छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हो रहा है। शिक्षकों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी निगरानी, पेपर सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। केमेस्ट्री के शिक्षक प्रशांत त्रिपाठी ने बताया कि मैंने छात्रों की मेहनत, उनके अनुशासन और उनके सपनों को बहुत करीब से देखा है। नीट परीक्षा रद्द होने की खबर ने न केवल छात्रों को, बल्कि हम शिक्षकों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। एक शिक्षक के रूप में सबसे ज्यादा पीड़ा तब होती है जब हम अपने छात्रों की साल भर की मेहनत को अनिश्चितता में जाते हुए देखते हैं। छात्र दिन-रात पढ़ाई करते हैं, कई बार सामाजिक जीवन से दूर हो जाते हैं, सिर्फ इस उम्मीद में कि उन्हें एक निष्पक्ष अवसर मिलेगा। ऐसे में परीक्षा रद्द होना उनके आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन पर सीधा असर डालता है।परीक्षार्थियों को आर्थिक सहायता देने की मांगउत्तर प्रदेश श्रमिक बस्ती महासंघ के अध्यक्ष डा. शैलेंद्र दीक्षित ने नीट परीक्षा पेपर लीक के चलते परीक्षा निरस्त होने पर परीक्षार्थियों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भेजकर कहा कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोबारा परीक्षा देने में अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। उन्होंने प्रत्येक परीक्षार्थी को कम से कम पांच हजार रुपये सहायता राशि देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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