नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त 1947 को हुए देश के बंटवारे के पीड़ितों को शुक्रवार को याद किया। देश के विभाजन के बाद हुए दंगों और विस्थापन के दौरान जान गंवाने वालों की स्मृति में केंद्र सरकार 2021 से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मना रही है।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, हम ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहे हैं। यह इतिहास का ऐसा क्षण था, जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, कई परिवार उजड़ गए। उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के बंटवारा का दंश कांग्रेस की देन है। 14 अगस्त का दिन इतिहास के उस क्रूरतम अध्याय का साक्षी है, जिनमें लाखों लोगों को जीवन गंवाना पड़ा।शाह ने पोस्ट किया, देश के बंटवारे का यह दंश, जो कांग्रेस की देन है, उसे इतिहास कभी भूल नहीं पाएगा। इस विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले और अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष करने वाले सभी लोगों को नमन करता हूं।मोदी सरकार विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से इस त्रासदी की स्मृतियों को युवा पीढ़ी तक पहुंचा रही है ताकि देश को फिर से तोड़ने वाली ताकतें कभी सफल न हो सकें और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ हमारा सर्वोच्च ध्येय बने।कांग्रेस की नीतिगत भूलों ने मां भारती के स्वाभिमान को पहुंचाई गहरी चोट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश के विभाजन के दौरान अकल्पनीय त्रासदियों का सामना किया।नवीन ने पोस्ट किया, कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व की नीतिगत भूलों और सत्ता की राजनीति ने मां भारती की अखंडता और स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंचाई।विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें स्मरण कराता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ना ही उन असंख्य पीड़ितों के प्रति सच्चा सम्मान है।स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पोस्ट किया, भारत का विभाजन ऐसी त्रासदी थी जिसकी पीड़ा आज भी अनेक आंखों में झलकती है। राजनैतिक आकांक्षाओं और संकीर्ण विचारधाराओं के चलते धर्म के नाम पर देश का विभाजन हुआ, जिसने रक्तपात, नफरत और विस्थापनों के माध्यम से जनमानस को आहत किया।





