नई दिल्ली, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और सूरीनाम के संबंध पारिवारिक बंधन पर आधारित हैं, न कि दूर के साझेदार के रूप में। उन्होंने दोनों देशों के राजनयि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और सूरीनाम के संबंध पारिवारिक बंधन पर आधारित हैं। भारत इस देश को दूर का साझेदार नहीं बल्कि परिवार के रूप में देखता है। उन्होंने दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह बात कही है।जयशंकर इस समय जमैका, सूरीनाम व त्रिनिदाद और टोबैगो की नौ दिवसीय यात्रा पर हैं। वह जमैका की यात्रा के बाद बुधवार को सूरीनाम पहुंचे और यहां के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे।’दोनों देशों के संबंध मजूबत’सूरीनाम की यात्रा से पहले जयशंकर ने टाइम्स ऑफ सूरीनाम अखबार में लिखा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत और बहुआयामी साझेदारी में बदल गए हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा, व्यापार, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।न्होंने कहा कि भारत और सूरीनाम ने उच्च स्तरीय यात्राओं के जरिये सहयोग को और मजबूत किया है। इसमें 2023 में सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी की भारत यात्रा और उसी वर्ष भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की सूरीनाम यात्रा शामिल है।





