वाशिंगटन। दुनिया की सबसे ताकतवर जांच एजेंसियों में शुमार फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की शुरुआत किसी बड़े कानून के जरिए नहीं हुई थी, बल्कि यह एक राष्ट्रीय त्रासदी के बाद लिए गए एक त्वरित प्रशासनिक फैसले का परिणाम था।साल 1901 में आतंकवादियों ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैककिनले की गोली मारकर हत्या कर दी, तो देश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। इस घटना के बाद नए राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने गहराई से महसूस किया कि तेजी से विकसित होते अमेरिका को अपनी एक अलग और समर्पित संघीय जांच एजेंसी की सख्त जरूरत है।उस दौर में न्याय विभाग के पास अपने खुद के जांच अधिकारी नहीं होते थे। स्थिति यह थी कि किसी भी बड़े मामले की जांच के लिए उन्हें ट्रेजरी विभाग की सीक्रेट सर्विस से एजेंट उधार लेने पड़ते थे। इस समस्या को खत्म करने के लिए जब सरकार ने अपनी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी बनाने का प्रस्ताव रखा, तो अमेरिकी संसद ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया।दरअसल, सांसदों को इस बात का डर सता रहा था कि सरकार इस नई और शक्तिशाली पुलिस फोर्स का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों और साथी सांसदों की जासूसी के लिए कर सकती है।





