अफ्रीकी। देशों युगांडा, कांगो और साउथ सूडान में इबोला वायरस के मामलों में खतरनाक बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते गुजरात सरकार और हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट हो गया है।ऐसे में गुजरात में इबोला का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है। जिसमें वडोदरा के एक युवक में संदिग्ध लक्षण पाए गए और उसे तुरंत अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है।विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग और डिक्लेरेशन फॉर्म जरूरीहेल्थ डिपार्टमेंट ने एहतियात के तौर पर अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कड़े नियम लागू किए हैं। युगांडा, कांगो और साउथ सूडान से आने वाले सभी यात्रियों की रात 9 बजे से सुबह 10 बजे के बीच कड़ी स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा, विदेश से आने वाले सभी यात्रियों के लिए हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी कर दिया गया है।हाल ही में, इन तीन अफ्रीकी देशों से अहमदाबाद आए 11 यात्रियों को पश्चिमी इलाके में उनके घरों में होम आइसोलेशन में रखा गया है।हालांकि, राहत की बात यह है कि इनमें से किसी भी यात्री में इबोला के लक्षण नहीं दिखे हैं और वे किसी पॉजिटिव मरीज के संपर्क में नहीं आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में भी इन देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए होम आइसोलेशन जरूरी रहेगा।इस बारे में जानकारी देते हुए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. शैलेश सुतारिया ने बताया कि इबोला की गंभीरता को देखते हुए, मेट्रोपॉलिटन शहरों में खास आइसोलेशन वार्ड चालू कर दिए गए हैंइबोला वायरस डिजीज बहुत जानलेवा है, जिसमें मृत्यु दर 25 से 90 तक होती है। इस बार, इस वायरस का एक नया ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन देखा गया है, जो पहली बार 1976 में अफ्रीका में सामने आया था।एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह नया स्ट्रेन डॉक्टरों और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बहुत चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि अभी जो वैक्सीन उपलब्ध हैं, वे पुराने ‘जैरे स्ट्रेन’ पर आधारित हैं।





