देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही ने नंदानगर के कुन्तरी लगा फाली गांव के घरों को जमींदोज कर दिया। कोई 40 घर मलवे की नीचे दब गए थे जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गवा दी लेकिन साथ ही एक चमत्कार भी हुआ। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय लोगों ने असंभव को संभव कर दिखाया। मलवे में दबे दो लोगों को 16 घंटे बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
एक रात पहले शांत दिखने वाला फाली गांव अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। गत 17-18 सितंबर की देर रात को बादल फटने से भारी मलबा और पानी बह कर आया। जिससे कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए।
अचानक आए इस सैलाब में कई लोग मलबे में दब गए। इन लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को रेस्क्यू के लिए लगाया। करीब 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, एनडीआरएफ की 105वीं बटालियन, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने दो लोगों को, जिसमे एक महिला और एक पुरुष शामिल है, मलबे से जिंदा बाहर निकाल लिया हैं। बाहर निकालने के बाद दोनों को श्रीनगर अस्पताल पहुंचाएगा गया जहां डॉक्टरो की टीम इनका इलाज कर रही हैं।





