पटना। हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की सील खोलने संबंधी याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई।पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमण की अदालत ने मामले की गंभीरता और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं दिया है। आरोपित मनीष रंजन के अधिवक्ता ने 30 मार्च को पुलिस द्वारा हॉस्टल को सील किए जाने को चुनौती देते हुए उसे खोलने की मांग की थी। उनका कहना था कि 20 जनवरी को पुलिस ने याचिकाकर्ता के परिवार को परिसर से बेदखल कर हॉस्टल को बंद कर दिया था।अदालत ने पहले ही याचिकाकर्ता से हॉस्टल परिसर के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था लेकिन वे दस्तावेज अदालत में पेश नहीं कर सके। इस आधार पर याचिका की स्थिति कमजोर मानी गई। अदालत ने सीबीआइ को हॉस्टल के मालिकाना हक की जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।





