काठमांडू. नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित कई जिलों में अधिकारियों ने मंगलवार को अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने पूरे राजधानी शहर में सुबह 8:30 बजे से अगली सूचना तक कर्फ्यू के आदेश जारी किए। इस बीच, काठमांडू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीयों के संदर्भ में विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी ी है। इसमें नेपाल में रहने वाले भारतीयों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से 20 लोगों की मौत हो गई एवं 347 घायल हो गए
नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंगलवार को एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। वहीं अधिकारियों ने शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों मे शहर के बल्खू इलाके में नेपाली कांग्रेस पार्टी कार्यालय में भी घुस गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय के बाहर एक ट्रैफिक पोस्ट को भी आग लगा दी
नेपाली मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को आज नेपाल संसद के बाहर तथा कलंकी सहित अन्य स्थानों पर सड़कें अवरूद्ध करते देखा गया। प्रदर्शनकारी सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका कहना है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा नहीं दे देते। प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा कि कल कई छात्र मारे गए। अब नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को देश छोड़ देना चाहिए।
नेपाल सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाने का एलान किया है। प्रतिबंध हटाने की घोषणा पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरूंग ने की थी, लेकिन इस एलान के बाद भी मंगलवार सुबह से प्रदर्शनकारी फिर से सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए पीएम ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।





