नई दिल्ली, एजेंसी। बाल विवाह को समाप्त करने के 2030 के वैश्विक लक्ष्य के नजदीक आने के बावजूद, भारत में स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। पूरी दुनिया की कुल बाल दुल्हनों में से एक-तिहाई भारत में हैं, और भारत की हर पांच में से एक बेटी का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले ही किया जा रहा है। हालांकि, बाल विवाह के मामले में पूरी दुनिया का आंकड़ा भी लगभग यही हैसंयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बाल विवाह की दर में भारी गिरावट आई है। जो 1996 में 50 प्रतिशत से अधिक थी, वह अब घटकर 20 प्रतिशत से कुछ ही ज्यादा बची है। यूनिसेफ के वैश्विक अनुमानों के मुताबिक अभी दुनिया में करीब 65 करोड़ महिलाएं और लड़कियां ऐसी हैं, जिनकी शादी बचपन में कर दी गई थी।





