नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका ने बड़ी आईटी कंपनियों पर बड़ा कदम उठाते हुए आठ कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम) से निलंबित कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस फैसले के बाद इन कंपनियों से जुड़े नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ेगी। अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इस दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स के प्रमुख भी मौजूद थे। सोंडरलिंग ने कहा कि दुनिया की कुछ बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित किया जा रहा है। इनमें कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी श्रम विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी इस कार्यक्रम से निलंबित किया है। इस फैसले के तहत इन कंपनियों से जुड़े किसी नए स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पहले से लंबित आवेदनों पर भी प्रक्रिया रोक दी जाएगी।





