गढ़वाल । चमोली जिले की नीती घाटी में पहली बार मोबाइल और 4जी इंटरनेट सेवा शुरू हुई है। इससे चीन सीमा पर तैनात सेना और स्थानीय ग्रामीणों को सीधा संचार लाभ मिलेगा संचार सेवा से जुड़े चीन सीमा से लगे नीती, क्यूंगलूनग व बमल्स गांव।विनय बहुगुणा, श्रीनगर गढ़वाल चीन सीमा से लगे जनपद चमोली के सबसे दुर्गम क्षेत्र नीती घाटी में पहली बार मोबाइल की घंटी बजने के साथ फोर-जी इंटरनेट सेवा भी शुरू हो गई है।नीती, क्यूंगलूनग और बमल्स गांव में बीएसएनएल के तीन मोबाइल टावर का बीते 27 अप्रैल से विधिवत संचालन शुरू हो गया है। इस क्षेत्र के संचार सुविधा से जुड़ने से यहां तैनात सुरक्षा बलों के साथ स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। अब, सैन्य अधिकारी नीती क्षेत्र से मुख्यालय सीधा संपर्क कर सकेंगे। साथ ही स्थानीय लोग भी देश-दुनिया से जुड़ सकेंगे।चीन व नेपाल सीमा से लगे 91 गांवों में होगा विकासभारत सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उत्तराखंड के चीन व नेपाल सीमा से लगे 91 गांवों में ढांचागत विकास, संचार संपर्क और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
पहले चरण में चीन सीमा से लगे 51 गांवों को विकसित किया जा रहा है, जिसमें जनपद चमोली की नीती घाटी भी शामिल है।इस योजना का उद्देश्य देश की द्वितीय रक्षा पंक्ति को मजबूत करने के साथ ही उनके जीवन स्तर को सुधारकर पलायन रोकना है। योजना के तहत भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने नीती घाटी के नीती, क्यूंगलूनग और बमल्स गांव में मोबाइल टावर स्थापित कर संचालन शुरू कर दिया है।उप महाप्रबंधक कार्यालय श्रीनगर गढ़वाल की देखरेख में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों के बीच बीएसएनएल ने एक वर्ष से भी कम समय में इस क्षेत्र को संचार सेवा से जोड़ने में सफलता पाई है। अब, प्रदेश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में शामिल नीती घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवा शुरू होने से यहां तैनात सेना को संचार के बेहतर संसाधन मुहैया होंगे, जिससे सामरिक और स्थानीय सुरक्षा को मजबूत करने में आसानी होगी।साथ ही विषम परिस्थितियों में इस क्षेत्र से शासन, प्रशासन से सीधा संपर्क हो सकेगा। यही नहीं, यहां गांवों में रहने वाले स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा आने वाले समय में सीमांत गांवों में रोजगार, पर्यटन और स्वरोजगार के अवसर पैदा होने से पलायन पर रोक लगेगी और स्थानीय स्तर पर मूलभूत विकास के ढांचा को तैयार करने में आसानी होगी।वहीं, बीएसएनएल ने नीती घाटी में मोबाइल टावर के नियमित संचालन के लिए डीजल जनरेटर के साथ ही सोलर और उच्च क्षमता की बैटरी भी स्थापित की हैं। साथ ही वी-सेट भी लगाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क साइट्स आन-एयर हो गई हैं।





