भारत के परमाणु ऊर्जा सफर में मील का पत्थर

नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी ने मन की बात के 133वें एपिसोड में भारत के डेयरी सेक्टर और पारंपरिक खाद्य संस्कृति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में खाने-पीने की परंपरा सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा भी है। इसी परंपरा का एक अहम हिस्सा भारतीय चीज भी है। पीएम मोदी ने बताया कि हाल ही में ब्राजील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में भारतीय चीज ब्रांड्स ने शानदार प्रदर्शन किया और प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए। इस उपलब्धि की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर में तेजी से बड़ा बदलाव हो रहा है। इस क्षेत्र में वैल्यू एडिशन यानी प्रोसेसिंग और नए उत्पादों के जरिए पारंपरिक स्वाद को नई पहचान मिल रही है। पीएम मोदी के अनुसार, आज भारतीय चीज दुनिया के कई देशों में अपनी जगह बना रही है और भारत का स्वाद अब वैश्विक प्लेटों तक पहुंच रहा है, जो देश के लिए गर्व की बात है।उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में लोग खुद से अपनी जानकारी भर चुके हैं, वहां अब जनगणना कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सूची बनाने का काम भी शुरू हो गया है। अभी तक करीब 1.2 करोड़ परिवारों का यह काम पूरा किया जा चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना सिर्फ सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है। इसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।पीएम मोदी ने आगे कहा कि नागरिक अब खुद भी अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह सुविधा जनगणना कर्मचारियों के घर आने से लगभग 15 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार समय चुनकर जानकारी भर सकें। पीएम मोदी ने बताया कि फॉर्म भरने के बाद नागरिकों को एक विशेष आईडी दी जाएगी, जो उनके मोबाइल या ईमेल पर भेजी जाएगी। बाद में जब जनगणना कर्मचारी घर आएंगे, तो इस आईडी के जरिए जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। उन्होंने इस पूरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जुड़ा एक बड़ा सुधार बताया, जिससे देश में जनगणना प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनेगी।

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